अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

मानसून में टूटीं Uttarakhand की 2500 सड़कें, लेकिन अब पहाड़ सी चुनौती; 300 करोड़ से अधिक का नुकसान

On: August 21, 2025 7:15 PM
Follow Us:
Uttarakhand
---Advertisement---

देहरादून। बारिश के कहर से Uttarakhand की 2500 से अधिक सड़कें टूट गईं। कहीं सड़कें चलने लायक नहीं बचीं तो कहीं पूरी सड़क ही बह गई। जलप्रलय से लोक निर्माण विभाग और पहाड़ की जनता, दोनों के सामने पहाड़ सी चुनौती है।

Uttarakhand में सौर ऊर्जा का नया टैरिफ जारी, रूफटॉप सोलर प्लांट मालिकों को हुआ नुकसान!

पर्वतीय क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल जाना हो, मरीजों को अस्पताल या रोजी-रोटी का सफर, अब हर रास्ता खतरों से भरा हुआ है। गढवाल क्षेत्र में सड़कों को सर्वाधिक नुकसान हुआ। गढ़वाल क्षेत्र में 1193 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, तो कुमाऊं क्षेत्र में 492 सड़कों को क्षति पहुंची। लोक निर्माण विभाग समेत अन्य निर्माण एजेंसियों को 300 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचा है।

मानसून Uttarakhand की सड़कों के लिए बड़ी तबाही लेकर आया। सड़कों पर 200 मीटर गहरा भू धंसाव तक हुआ तो कई क्षेत्रों में पूरी सड़क ही बह गई। ताजा स्थिति यह है कि प्रदेश के 238 मार्ग अभी भी बंद हैं। इसका असर सीधे तौर पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ रहा है।

मानसून Uttarakhand की सड़कों के लिए बड़ी तबाही लेकर आया

खासकर उप्र, हरियाणा व दिल्ली-एनसीआर से आने वाले लोगों को इन सड़कों के कटने के कारण चुनाैतियों से रूबरू होना पड़ रहा है। इन मार्गों में से कई मार्ग तो ऐसे हैं, जिनमें मरम्मत का विकल्प ही शेष नहीं बचा है। बजट के लिए प्रस्ताव तैयार हैं, लेकिन बजट मिलने तक टूटी या बह गई सड़कें जनता को जख्म देती रहेंगी।

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!