Badaun news
“ममता सेवी संस्था द्वारा निशुल्क परामर्श शिविर का आयोजन ”
*महाविद्यालय को संस्था द्वारा सैनेट्री नैपकिन वैंडिंग मशीन *
बदायूं:- नगर बदायूं में राजकीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को प्राचार्या डॉ वंदना की अध्यक्षता में ममता सेवी संस्था द्वारा निशुल्क परामर्श शिविर का आयोजन किया गया एवं सैनेट्री नैपकिन वैंडिंग मशीन सौंपी गई । कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ वंदना ( प्राचार्या राजकीय महाविद्यालय बदायूं)के उदबोधन से हुआ। डॉ वंदना ने सभी अतिथियों के स्वागत के साथ ही छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के सुझाव दिए। नेत्र चिकित्सक डॉ.प्रतिभा मिश्रा( उपाध्यक्ष )द्वारा-” मासिक धर्म से संबंधित परेशानियों एवं सावधानियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।” ममता सेवी संस्था की अध्यक्षा डॉ. ममता नौगरैया (संस्थापिका) ने -“छात्राओं को माहवारी चक्र के बारे में व स्वच्छता के बारे में विस्तार से बताया व उन्हें परेशानी से मुक्ति हेतु मशीन द्वारा नैपकिन प्राप्त करने का तरीका बताया।”


हेड कांस्टेबल लक्ष्मी तिवारी ने महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में छात्राओं को जानकारी प्रदान की। कांस्टेबल सुमन भी रही।इसी क्रम में ममता सेवी संस्था द्वारा महाविद्यालय को छात्रा हित में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भेंट स्वरूप उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में ममता सेवी संस्था के पदाधिकारी श्रीमती मधु अग्रवाल, डॉ सरला चक्रवर्ती (प्राचार्य गिन्दो देवी), डॉ प्रतिभा गुप्ता (डायरेक्टर लिलीपुट स्कूल), श्रीमती आभा गोयल, (डायरेक्टर जी डी गोयनका स्कूल)श्रीमती दीप्ति गुप्ता (समाजसेविका), डॉ शुभ्रा माहेश्वरी (विभागाध्यक्ष हिन्दी संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान ) ने मशीन के फंक्शन आदि के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमे 5 रुपए का सिक्का डालन पर पैड प्राप्त होगा।तकनीकी सहायक श्री शुभम गुप्ता तथा महाविद्यालय परिवार से श्रीमती अर्चना पाण्डेय (अर्थशास्त्र )उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ शुभ्रा माहेश्वरी, संघटक राजकीय महाविद्यालय, सहसवान ने तथा डॉ भावना सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ भावना सिंह ( असिस्टेंट प्रोफेसर गृहविज्ञान )द्वारा किया गया।
संरक्षक डॉ एस सी नौगरैया ने ममता सेवी संस्था द्वारा निशुल्क शिविर व मशीन राजकीय महाविद्यालय को सौंपने के निर्णय पर मोहर लगाते हुए भूरि भूरि प्रशंसा की।
अंत में ममता सेवी संस्था द्वारा प्राचार्या को मशीन व उसकी चाबी सौंपी गई।

