सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान में धड़ल्ले से फर्जी जारी हो रहे हैं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र,
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के नाम पर छात्रों से जमकर हो रही है धन वसूली,

(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्च कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के नाम पर जमकर लूट हो रही है और उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र देकर दौड़ाया जा रहा है। यह रहस्य मंगलवार को अपराह्न में उसे समय खुला जब शक होने पर एक छात्र स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेकर चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में चला गया और उसने मामले की जानकारी चिकित्सा अधीक्षक को दी चिकित्सा अधीक्षक ने प्रमाण पत्र देखकर तो तुरंत फाड़कर तुरंत रद्दी की टोकरी में डाल दिया तथा इस पर गहरी नाराजगी प्रकट की कि आखिर कौन ऐसा स्वास्थ्य कर्मचारी है जो उनके फर्जी हस्ताक्षर से छात्रों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र फर्जी रूप से जारी करके उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कल अपराह्न में कई छात्र स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान पहुंचे और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाए जाने का अनुरोध किया चर्चा है की स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उनसे प्रमाण पत्र के नाम पर प्रत्येक प्रमाण पत्र ₹500 लेकर चिकित्सा प्रमाण पत्र देने को कहा जिस पर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेने आए कई छात्र राजी हो गए तो कई छात्र नाराजगी प्रकट करते हुए वापस चले गए।
बताया जाता है की इसी बीच छात्रों को स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा चिकित्सा अधीक्षक की मोहर व चिकित्सा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करके स्वास्थ्य प्रमाण पत्र छात्रों को दे दिया जिसमें एक छात्र शक होने पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उपरोक्त छात्र चिकित्सा प्रमाण पत्र लेकर चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय में पहुंच गया और उसने चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सा प्रमाण पत्र देकर जांच करने को कहा जिस पर चिकित्सा अधीक्षक ने चिकित्सा प्रमाण पत्र को फर्जी करार देते हुए फाड़ कर फेंक दिया तथा छात्र से मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।
बताया जाता है कि बीते कई दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्च कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को कॉलेज प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रवेश के साथ लेने की बाध्यता के चलते भारी तादाद में छात्र स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं जहां उनसे स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक कर्मचारी द्वारा मनमर्जी पैसे लेकर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र फर्जी रूप से दिए जा रहे हैं काश मंगलवार को शक होने पर एक छात्र स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेकर चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में पहुंच गया तब मामले का खुलासा हुआ अगर उपरोक्त छात्र चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में ना जाता तो अब तक पता नहीं स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा कितने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर दी होती।
चर्चा है चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी ने एक टीम गठित कर की स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र फर्जी रूप से जारी किए जा रहे हैं जांच करने को कहा है जांच के बाद जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।

