चंडीगढ़। Haryana Government ने अपने नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 में संशोधन किया है। अब यदि पदनामित अधिकारी या शिकायत निवारण प्राधिकारी निर्धारित समयावधि में आवेदन या अपील पर निर्णय नहीं करते हैं तो सेवा का अधिकार आयोग ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान ले सकेगा।
Haryana Government ने 7 IPS और 3 HPS अधिकारियों के किए तबादले, जानें किसे कहां मिली तैनाती?
आवेदन या अपील के निपटान में अनुचित विलंब पाए जाने पर आयोग उपयुक्त आदेश पारित कर सकेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा सेवा का अधिकार नियम, 2014 के नियम 9 को प्रतिस्थापित करते हुए एक नया प्रावधान जोड़ा गया है। ये नियम ’हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) नियम, 2025’ कहे जाएंगे।
Haryana Government आवेदन या अपील के निपटान में अनुचित विलंब पाए जाने पर आयोग उपयुक्त आदेश पारित कर सकेगा
यदि किसी अधिसूचित सेवा का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने से पहले ही संबंधित मामला किसी न्यायालय या संबंधित विभाग के पुनरीक्षण प्राधिकारी के समक्ष लंबित है, तो उस स्थिति में आयोग अधिनियम की धारा 17 के तहत पदनामित अधिकारी या प्रथम अथवा द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के विरुद्ध तब तक अपनी शक्तियों का प्रयोग नहीं करेगा, जब तक कि न्यायालय या पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय नहीं दिया जाता।

