नई दिल्ली। भारत में अल्पसंख्यकों की हालत को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और एआईएमआईएम के चीफ Asaduddin Owaisi भिड़ गए। किरने रिजिजू का कहना है कि अल्पसंख्यकों को बहुसंख्यकों की तुलना में ज्यादा फायदे मिलते हैं और वे ज्यादा सुरक्षित हैं। इसके अलावा उन्होंने ये भी दावा किया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग पड़ोसी देश में पलायन नहीं करते हैं।
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उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की कल्याणकारी योजनाएं सभी के लिए हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की योजनाएं अल्पसंख्यकों को अतिरिक्त लाभ भी देती हैं।” इस पर Asaduddin Owaisi ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत के मुसलमान भारत में रहना इसलिए नहीं चुनते कि उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं बल्कि इसलिए चुनते हैं क्योंकि वो अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं।
क्या कहा Asaduddin Owaisi ने?
उन्होंने कहा, ‘हम भागते नहीं हैं… हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। भारत की तुलना विफल देशों से न करें।’ Asaduddin Owaisi ने आगे कहा, “अल्पसंख्यकों के खिलाफ मंत्री के मुताबिक, अगर हम (भारतीय मुसलमान) पलायन नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि हम खुश हैं। दरअसल, हमें पलायन करने की आदत नहीं है।
हम अंग्रेजों से डकर भी नहीं भागे, हम बंटवारे के समय भी नहीं भागे और हम आगे भी नहीं भागेंगे… हमारा इतिहास इस बात का सबूत है कि हम न तो अपने उत्पीड़कों के साथ सहयोग करते हैं और न ही उनसे छिपते हैं। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ना जानते हैं।”
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया, “इससे ये सुनिश्चित हुआ है कि अल्पसंख्यक समुदाय भारत की विकास गाथा में सक्रिय और समान भागीदार है। हमें जो मुख्य बात समझनी है, वो ये है कि अल्पसंख्यक समुदायों को सरकार से बहुसंख्यक समुदाय… यानी हिंदुओं की तुलना में ज्यादा पैसा और मदद मिल रही है।”

