देवभूमि (उत्तराखंड)

जोशीमठ में बेकार हुए मकानों पर लगाए गए ये पोस्टर

These posters were put on the useless houses in Joshimath

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे आपको बतादें कि जोशीमठ में भू-धंसाव की घटनाओं को लेकर उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश इससे चिंतित है. राज्य और केंद्र सरकार इस पर नजर बनाए हुए है.जोशीमठ को कैसे बचाया जाए, इस पर सरकारी एजेंसियां काम कर रही हैं.

वहीँ दूसरी ओर इसी क्रम में जोशीमठ के क्षतिग्रस्त भवनों में सीबीआरआई (सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा क्रैकोमीटर लगाए जा रहे हैं. जमीन में दरारें और लोगों के दर्द से इन दिनों जोशीमठ बदहाल है. उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश इससे चिंतित है. राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार इस पर पूरी नजर बनाए हुए है. कई आरोप भी लग रहे हैं.

joshitmath

इतना ही नहीं इन सबके बीच प्राथमिकता है कि जोशीमठ को कैसे बचाया जाए. इस पर सरकारी एजेंसियां काम कर रही हैं. इसी क्रम में जोशीमठ के क्षतिग्रस्त भवनों में सीबीआरआई (सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा क्रैकोमीटर लगाए जा रहे हैं. इसके जरिए ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मकानों को कितना नुकसान हो रहा है. मकानों में आईं दरारें बढ़ रही हैं या नहीं.

आपको बतादें कि इसके साथ ही सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट इमारतों पर Unusable (रहने योग्य नहीं) और Assess Further (आगे परीक्षण योग्य) जैसे स्टीकर भी लगा रहा है. सीबीआरआई 10 दिनों में 3500 इमारतों का आकलन करेगा. इसके बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगा. भू-धंसाव और घरों में आई दरारों के बीच चमोली जिला के आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 760 प्रभावित भवनों को अभी तक चिन्हित किया जा चुका है.

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