उत्तर प्रदेशआपराध

(बेजुबानों के साथ महिला ने की क्रूरता) 09 पिल्लों को महिला ने तालाब में फेंका, पशु-प्रेमी ने ग्रामिणों की मदद से तालाब से निकाले 05 पिल्लों के शव, 04 पिल्ले लापता, आरोपी महिला के विरूद्ध दर्ज हुआ मुकदमा,

(बेजुबानों के साथ महिला ने की क्रूरता) 09 पिल्लों को महिला ने तालाब में फेंका, पशु-प्रेमी ने ग्रामिणों की मदद से तालाब से निकाले 05 पिल्लों के शव, 04 पिल्ले लापता, आरोपी महिला के विरूद्ध दर्ज हुआ मुकदमा,

जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

बदायूं। गुरुवार सुबह एक महिला ने नौ पिल्लों को तालाब में फेंक दिया। भीषण ठंड में हुई इस घटना की जानकारी पर पशु प्रेमी मौके पर पहुंचे। पिल्लों के शवों को बाहर निकाला गया। वहीं महिला से भी पशु प्रेमियों की तीखी बहस हुई। पुलिस शवों को अपने साथ ले आई। आरोपी महिला के विरूद्ध मुकदमा भी दर्ज हो गया है।22 2बिसौली कोतवाली क्षेत्र के बसई गांव के रहने वाले अनीता पत्नी सूर्यकांत के घेर में कुतिया ने पिल्लों को जन्म दिया। रात में पिल्लों के शोर करने से सूर्यकांत की पत्नी अनीता परेशान हो गई। आरोप है कि गुरुवार सुबह अनीता ने नौ पिल्ले गांव के तालाब में फेंक दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने जब महिला को रोकने की तो वो गाली-गालौच पर उतर आई। इसी बीच किसी ने पीएफए के जिला अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा को घटना के बारे में बताया। इस पर बिसौली निवासी पशु प्रेमी विभु शर्मा भी घटनास्थल पर जा पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी पहुँच गयी। जिसके बाद पशु प्रेमी ने स्थानीय ग्रामीण के साथ पांच पिल्लों को तालाब से निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी जबकि चार पिल्लों का पता नहीं चला। इस दौरान व्याकुल माँ तालाब से निकाले गए मृत पिल्लों को पुचकारती हुई नजर आई। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।एनिमल्स संस्था ने करवाई एफआइआर:- घटना सामने आने के बाद पीपल फॉर एनिमल्स संस्था ने महिला के खिलाफ शिकायत दी है। जिसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इधर पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने महिला से इस क्रूरता की वजह पूछी तो वह उनसे तीखी बहस करने लगी|98 2क्या है पशु क्रूरता निवारण अधिनियम:- देश में पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए साल 1960 में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम लाया गया था। साथ ही इस एक्ट की धारा-4 के तहत साल 1962 में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का गठन किया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य पशुओं को अनावश्यक सजा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति को रोकना है। मामले को लेकर कई तरह के प्रावधान इस एक्ट में शामिल हैं। जैसे- अगर कोई पशु मालिक अपने पालतू जानवर को आवारा छोड़ देता है या उसका इलाज नहीं कराता, भूखा-प्यासा रखता है, तब ऐसा व्यक्ति पशु क्रूरता का अपराधी होगा।544पहले भी हुई क्रूरता जैसी घटनाएं:- बेजुबान के साथ क्रूरता की घटनाएं बदायूं में पहले भी हुई हैं। पिछले दिनों एक युवक चूहे की पूछ रस्सी से बांधकर उसे नाले में फेंकता हुआ पकड़ा गया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किय गया। वहीं एक युवक ने सिविल लाइन क्षेत्र में पिल्ले को ईटों से कुचल कर मार डाला था। इसमें पुलिस ने कार्रवाई की थी।4754सजा का प्रावधान:- इसके अलावा अगर कोई किसी पशु को मनोरंजन के लिए अपने पास रखता है और उसके साथ क्रूरता का व्यवहार करता है, तो वह भी अपराध है। ये सभी संज्ञेय और जमानती अपराध होते हैं, जिनकी सुनवाई कोई भी मजिस्ट्रेट कर सकता है। ऐसे अपराधों के लिए कम से कम 10 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही अधिकतम 3 साल की सजा हो सकती है।

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