उत्तर प्रदेश

प्रदेश सरकार के एक नोडल अधिकारी जनपद के दौरे पर पशुधन प्रसार अधिकारी द्धारा पैराबैट से सुविधा शुल्क मांगे जाने का वीडियो हुआ वायरल,

प्रदेश सरकार के एक नोडल अधिकारी जनपद के दौरे पर पशुधन प्रसार अधिकारी द्धारा पैराबैट से सुविधा शुल्क मांगे जाने का वीडियो हुआ वायरल,

रिपोर्ट – एस.पी सैनी

सहसवान। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाए जाने के उद्देश्य को लेकर बनाई गई जीरो टॉलरेंस की नीति को भ्रष्ट रिश्वतखोर बेईमान कर्मचारियों द्धारा दिन प्रतिदिन गुल खिलाए जाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला विकासखंड दहगवां क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हमुपुर चमनपुरा उप पशु चिकित्सा केंद्र पर तैनात एक पशुधन प्रसार अधिकारी द्धारा पैराबैट से फर्जी रूप से वैक्सीनेशन तथा पशुओं के टैग लगाए जाने का मानदेय भुगतान खाते में डाले जाने के बदले सुविधा शुल्क खुलेआम मांगे जाने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैI

ज्ञात रहे उत्तर प्रदेश सरकार द्धारा पशुओं की बीमारी की रोकथाम हेतु टीकाकरण एवं उनके टैग लगाए जाने के लिए प्रत्येक ग्राम में पशु चिकित्सा विभाग द्धारा पैराबैट रखे गए हैं जो गांव गांव जाकर पशुओं की बीमारी के रोकथाम हेतु टीकाकरण एवं उनके कानों में टैग लगाए जाने के लिए रखे गए हैं पशुओं का टीकाकरण एवं टैग लगाए जाने के बदले पैराबैट को प्रत्येक पशु के हिसाब से प्रत्येक माह ऑनलाइन ट्रैकिंग करने के उपरांत मानदेय भुगतान किया जाता हैI

सहसवान तहसील क्षेत्र के विकासखंड दहगवां के अंतर्गत ग्राम हमूपुर चमनपुरा के पशु चिकित्सा केंद्र पर तैनात एक पशुधन प्रसार अधिकारी पैराबैट के टीकाकरण एवं पशुओं के टैग लगाए जाने के खातों में आए मानदेय भुगतान के कमीशन खोरी के रूप में मानदेय भुगतान का 30% सुविधा शुल्क मांगे जाने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो में पशुधन प्रसार अधिकारी पैराबैट द्धारा भुगतान के 15 सो रुपए भुगतान देने के उपरांत खाते में आए ₹15000 से अधिक के भुगतान पर 30 परसेंट कमीशन की मांग कर रहा हैI

पशुधन प्रसार अधिकारी द्धारा खुलेआम पैराबैट से मानदेय भुगतान के नाम पर मांगे जा रहे सुविधा शुल्क के वीडियो वायरल होने से पशु स्वास्थ्य विभाग में कितना भ्रष्टाचार है जिसकी खुलेआम चर्चा हो रही है। यह चर्चा उस समय हो रही है जब उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्धारा जनपद बदायूं में पशुओं के लिए बनाई गई गौशालाओं एवं उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक नोडल अधिकारी जनपद में भ्रमण पर हैं।

अब देखना है की पशुधन प्रसार अधिकारी द्धारा खुलेआम पैराबैट से मानदेय भुगतान के नाम पर सुविधा शुल्क मांगे जाने पर क्या कार्यवाही होती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इस बाबत आरोपी पशुधन प्रसार अधिकारी से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल ऑफ था।

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