ढाई लाख रुपये में सुपारी देकर दिल्ली से बुलाकर प्रेमिका की करवाई थी हत्या

जयपुर। चौमूं थाना पुलिस ने 29 सितंबर को महिला की गला घोंटकर हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप देने के सडक पर फेंकने के मामले का खुलासा करते हुए हत्या करने वाले छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच पडताल में महिला की हत्या प्रॉपर्टी के लिए की है और हत्या महिला के प्रेमी ने ही 2.50 लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई थी। वे दोनों 14 साल से लिव इन रिलेशन में दिल्ली में रहते थे। मृतका दिल्ली में विद्युत विभाग में नौकरी कर रही थी। उसने चाचा के बेटे को गोद लेने की बात कही तो दोनों में विवाद हो गया और उसकी हत्या करवा दी गई।

पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम)प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि 29 सितंबर को देर रात चौमूं थाना पुलिस को महिला का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच की तो महिला की शिनाख्त गुलाब देवी के रूप में हुई,जिसकी गलाघोट कर हत्या की गई और फिर दुर्घटना का रूप देने के लिए सडक पर फेंका गया। इस पर पुलिस टीम का गठन कर इस मामले में बाबूलाल मीणा निवासी पालम दिल्ली, जगराम मीणा निवासी अलीपुर जिला दौसा, हरिओम मीणा निवासी मालाखेड़ा जिला अलवर, रोहिताश मीणा निवासी राजगढ़ जिला अलवर, सुनील मीणा निवासी रतनगढ़ जिला अलवर और भूपेंद्र सैन निवासी मालाखेड़ा जिला अलवर को गिरफ्तार किया है।

सहायक पुलिस आयुक्त चौमूं राजेन्द्र निर्वाण ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि जांच में पता लगा कि गुलाब के पति की 1994 में मौत हो गई थी। तब उसके पति के स्थान पर दिल्ली विद्युत विभाग में नौकरी लगी थी। दिल्ली में उसकी पहचान 2007 में बाबूलाल मीणा से हो गई,जो लैब असिस्टेंट का काम करता है। तब उसके साथ 2011 में लिव इन रिलेशन में रहने लगी थी। 17 लाख रुपये में पहले उन्होंने एक फ्लैट खरीदा था। महिला गुलाब देवी ने फ्लैट के लिए खरीदने के लिए पांच लाख रुपये भी दिए थे। दोनों ने बाद में नजमगढ़ में एक फ्लैट ओर खरीद लिया था। करीब डेढ़ महीने पहले मृतका गुलाब देवी ने कहा कि वह चाचा के परिवार से एक बच्चे को गोद लेना चाहती है। इस बात काे बाबूलाल ने नहीं माना। तब से दोनों के बीच में विवाद शुरू हो गया। गुलाब ने किसी अन्य युवक से शादी करने की बात कहीं और खुद के फ्लैट को किसी अन्य को किराए पर दे दिया। खुद दूसरी जगह पर किराए पर रहने लग गए।

बाबूलाल काफी परेशान हो चुका था। गुलाब उसे छोड़ कर जाने की बात बोलने लगी थी तो आरोपित बाबूलाल को प्रॉपर्टी के जाने का डर लगने लगा था। इस आरोपित बाबूलाल ने डेढ़ महीने पहले ही परेशान होकर हत्या करने की योजना बनाई और अपने परिचित जगराम मीणा से बात की। तब जगराम ने ढाई लाख रुपए में गुलाब को मारने के लिए सौदा तय कर गुलाब देवी को हत्या करने के लिए तीन बार दिल्ली से जयपुर बुलाया ,लेकिन असफल रहे। इसके बाद उन्होंने प्रॉपर्टी का विवाद बताकर आत्महत्या दिखाने की योजना बनाई थी और एक सुसाइड नोट भी पहल से लिखवा लिया था। जो प्लान के सहित मृतका के भाइयों को इस हत्याकांड में फंसाने के लिए था। घटना के दिन गुलाब को झांसा देकर जयपुर लाकर उसकी कार में गला घोट कर हत्या करके उसे दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को मोरीजा पुलिया पर फेंक कर फरार हो गए थे और सुसाइड नोट वाला बैग भी मौके पर छोड दिया था। जिससे पुलिस को सारा शक उसके भाइयों पर जाए। पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल पुलिस आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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