आपराधउत्तर प्रदेश

हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान की अबैध सम्पत्ति खंगालने में जुटा प्रशासन, हिस्ट्रीशीटर के मकानों पर चल सकता है बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर पर कई संगीन धाराओं में 36 मुकदमे दर्ज है।  

हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान की अबैध सम्पत्ति खंगालने में जुटा प्रशासन, हिस्ट्रीशीटर के मकानों पर चल सकता है बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर पर कई संगीन धाराओं में 36 मुकदमे दर्ज है।

जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

बदायूं। बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र में रामगंगा में कटरी की जमीन विवाद में हुई गोलीबारी के मुख्य हिस्ट्रीशीटर सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान पर प्रशासन ने शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सीओ, एसडीएम ने बदायूं के उझानी में उसकी संपत्तियों की जानकारी जुटाई। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद अवैध संपत्ति पर बुलडोजर भी चल सकता है। मूलरूप से रायपुर हंस निवासी हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान अपने परिवार समेत उझानी के किलाखेड़ा मोहल्ले में रहता है। इसके अलावा मोहल्ला गद्दी टोला में भी एक मकान है। शुक्रवार दोपहर को बदायूं सदर एसडीएम एसपी वर्मा और सीओ शक्ति सिंह, थानाध्यक्ष मनोज ने दोनों संपत्तियों का चिन्हाकंन किया। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई उसकी अवैध कमाई से अर्जित अचल संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने के तहत शुरू हुई है। एसडीएम एसपी वर्मा ने बताया कि फिलहाल सम्पतियों की जानकारी जुटाई जा रही है, आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।

हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान का लंबा आपराधिक इतिहास:‌- रायपुर हंस के पूर्व प्रधान सुरेश पाल सिंह तोमर के खिलाफ बरेली और बदायूं के थानों में 36 मुकदमे दर्ज हैं। सुरेश प्रधान के खिलाफ सर्वाधिक मामले फरीदपुर थाने में दर्ज हैं। फरीदपुर थाने में ही 1985 में उसके खिलाफ सबसे पहले दो मुकदमे दर्ज हुए। इनमें एक हत्या और दूसरा हत्या की कोशिश का था। वर्ष 1985 में ही बदायूं के थाना दातागंज में डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद सुरेश के खिलाफ लगातार केस दर्ज होते रहे। इनमें बलवा, हत्या, हत्या की कोशिश, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी, गुंडा अधिनियम जैसे मामले शामिल हैं।

गिरफ्तारी के लिए लगाई आठ टीमें:‌- घटना के बाद से ही हिस्ट्रीशीटर सुरेश प्रधान फरार हैं, पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। बरेली एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें गठित की हैं। वारदात में वह घायल है और कहीं छिपकर इलाज करा रहा है। तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जल्दी ही सुरेश समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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