7 जुलाई को अधिकारी मॉकड्रिल में परखेंगे बाढ़ से बचाव की तैयारी|

एडीएम ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य केंद्र राहत शिविर केंद्र आदि बनाए जाएं।

7 जुलाई को अधिकारी मॉकड्रिल में परखेंगे बाढ़ से बचाव की तैयारी|

एडीएम ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य केंद्र राहत शिविर केंद्र आदि बनाए जाएं।

जयकिशन सैनी

बदायूँ। आगामी मॉनसून को देखते हुए बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। अगर लगातार बारिश हुई तो नदियों का जलस्तर बढ़ेगा और फिर बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगेगा। संभावित बाढ़ को ध्यान में रखते हुए बाढ़ से पहले ही प्रशासन ने विभागों को अलर्ट कर दिया है। इसके लिए तेजी से तैयारी की जा रही है। बाढ़ में लोगों के जान बचाने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार वैश्य ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रदीप वार्ष्णेय तथा अन्य सम्बंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ से पहले मॉकड्रिल का आयोजन कराने के सम्बंध में बैठक आयोजित की।उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ चौकियां ऊंचे स्थानों पर बनाई जाएं। वहां पर नावों की उपलब्धता, गोताखोर की सूची, पानी निकासी, दवाइयां, चारा, लाइट, खाद्यान्न सहित जरूरी सामान की व्यवस्था की जाए। एडीएम ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य केंद्र राहत शिविर केंद्र आदि बनाए जाएं और इनके बाहर इनके नामों के फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं। लाइफ जैकेट, चारा आदि की व्यवस्था रहे। स्वास्थ्य केंद्रों एवं बाढ़ चौकियों पर चिकित्सक मौजूद रहे।डीएसओ खाद्यय सामग्री वितरित कराएंगे और डीपीआरओ मोबाइल शौचालय का प्रबंध करें। पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम की आवाज पर विशेष फोकस किया जाए।इस दौरान एडीएम ने पूर्व में हुई बाढ़ नियंत्रण को लेकर बताया कि पूर्व में आई बाढ़ के अनुभवों के अधार पर तैयारियां की जा रही हैं। संभावित बाढ़ से राहत एवं बचाव के लिए 07 जुलाई दिन गुरुवार को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रिर्हसल करने के लिए मॉकड्रिल किया जाएगा, जिसमें बाढ़ में कैसे स्वंय एवं दूसरों को बचाना है इसको परखा जाएगा। इन क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से पहले की तैयारी, नौका सुरक्षा, बाढ़ से बचाव के लिए तकनीक की जानकारी, सांप काटने पर हॉस्पिटल पहुंचने से पहले जान बचाने का तरीका व सुरक्षात्मक कार्रवाई के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। इसलिए मॉक ड्रिल काफी लाभदायक सिद्ध होगी। कुंवर रुकुम सिंह वैदिक इण्टर कॉलेज नगला पूर्वी के शिक्षक डॉ0 योगेन्द्र मौर्य द्वारा नुक्कड़ नाटक के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है, जिनके निर्देशन में कलाकार अपने अभिनय के माध्यम से बाढ़ में सुरक्षा, बचाव एवं जागरुकता के बारे में लोगों को समझाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए डॉ0 मौर्य ने पटकथा तैयार कर ली है। नाटक का प्रदर्शन संभावित बाढ़ क्षेत्रों में गुरुवार को किया जाएगा। इस अवसर पर सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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