कर्बला हमें हक़ का पैग़ाम देती है-अम्मार हैदर

कर्बला हमें हक़ का पैग़ाम देती है-अम्मार हैदर

सैद नगली- क़स्बे मे रोज़ाना की तरह 8 मुहर्रम रविवार को भी पूरे दिन मजलिसों का सिलसिला जारी रहा सभी स्थानीय इमामबारगाहों में मजलिसें हुई जिसमें अजादारों ने आँसू बहाये

इमामबारगाह दादे हिमायत अली मे सबसे पहली मजलिस हुई जिसमें मर्सियाखुवानी डॉ लईक हैदर और हमनवा ने की जबकि मजलिस को डॉ क़ैसर हुसैन ने ख़िताब किया

 

पीर जी इमामबारगाह मे मजलिस में मर्सिये सफदर अली और हमनवा ने पढ़े जबकि मजलिस को हैदर रज़ा ने ख़िताब किया

मरहूम गुलाम मेहदी के घर मजलिस हुई जिसमें सोज़खुवानी नसीमुल हसन व हमनवा ने की जबको मजलिस को ख़िताब ख़ादिम मेहदी बाकरी ने किया इसके अलावा डॉ मुहम्मद रज़ा मरहूम के मकान पर मजलिस हुई जिसमे मर्सियाखुवानी सलमान अब्बास और हमनवा ने की जबकि मजलिस को अम्मार हैदर रिज़वी ने ख़िताब किया

 

मौला हज़रत अब्बास अलमदार अलैहिस्सलाम की शहादत के सिलसिले से हसन अब्बास के मकान पर मजलिस हुई जिसके बाद अलम और शबीहे ताबूत बरामद हुआ जो तयशुदा रास्तों से होता हुआ इमामबारगाह दादे हिमायत अली पहुंचकर ख़त्म हुआ जुलूस में सभी अजादार काले कपड़े पहने ननगे पैर मातम करते हुए चल रहे थे नोहे मुहम्मद अब्बास, सुहैल अब्बास, मिसाल अब्बास , हैदर अब्बास आदि ने पढ़े

 

इसके अलावा 8 मुहर्रम को हज़रत क़ासिम अलैहिस्सलाम की मेहदी का जुलूस इस्लामिया मदरसा से शुरू होकर तयशुदा रास्तों हुसैनी चौक व समस्त इमामबारगाहो से होता हुआ उसी मदरसे में जाकर ख़त्म हुआ जिसमे सभी अज़ादार सलाम पढ़ते जा रहे थे

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