थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया ध्वाजारोहण समस्त पुलिसकर्मियों को दिलाई शपथ

जयकिशन सैनी (ब्यूरो चीफ) समर इंडिया
बदायूँ। 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिन बुधवार को महिला थाना परिसर बदायूँ में गणतंत्र दिवस को मनाया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वाजारोहण के लिए महिला थानाध्यक्ष रेनू सिंह ने सुबह साढ़े आठ बजे का समय रखा। इस दौरान थाना परिसर में मौजूद समस्त पुलिसकर्मियों ने महिला थानाध्यक्ष के साथ ध्वाजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी। एवं थानाध्यक्ष ने समस्त पुलिसकर्मियों को संविघान गठन होने के उपलक्ष में शपथ दिलाई। और कहा कि भारत की संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 में भारत के संविधान को स्वीकार किया था। जबकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूरे देश में लागू हुआ था। यही वजह है।कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1929 को अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ का नारा दिया था। इसके बाद से ही इस दिन को चुना गया था।भारत को आज़ादी मिलने के बाद संविधान सभा का गठन हुआ था।

संविधान सभा ने अपना काम 9 दिसंबर 1946 से शुरू किया। दुनिया के इस सबसे बड़े लिखित संविधान को तैयार करने में 2 साल, 11 माह, 18 दिन लग गए थे। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सौंपा गया, इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में हर साल मनाया जाता है। 26 जनवरी1950 में इस दिन ही भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना। इस के छह मिनट बाद 10.24 बजे डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले। इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली। पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इतना कहने के बाद थानाध्यक्ष रेनू सिंह पुलिस लाइन बदायूँ में ध्वजारोहण व परेड कार्यक्रम के लिए चली गई।

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