देवभूमि (उत्तराखंड)

जोशीमठ संकट के बीच आई मौसम विभाग ने परेशान करने वाली खबर

In the midst of the Joshimath crisis, the Meteorological Department has disturbing news

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे आपको बतादें कि जहाँ एक तरफ उत्तराखंड का शहर धसाव से जूझ रहा है तो वहीँ जोशीमठ के लिए मौसम विभाग ने परेशान करने वाली खबर दी है. मौसम विभाग की मानें तो जोशीमठ समेत उत्तराखंड के अन्य पहाड़ी इलाकों में अगले चार दिन तक बारिश हो सकती है. बारिश का ये असर जोशीमठ की बढ़ती दरारों पर भी नजर आ सकता है.

इतना ही नहीं उत्तराखंड के जोशीमठ में हर बीत रहे दिन के साथ हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. वहीँ दूसरी ओर सड़कों, मकानों और होटलों में दरारें चौड़ी होती जा रही हैं. इतना ही नहीं भू-धंसाव से जूझ रहे जोशीमठ के लिए मौसम विभाग ने परेशान करने वाली खबर दी है. मौसम विभाग की मानें तो जोशीमठ समेत उत्तराखंड के अन्य पहाड़ी इलाकों में अगले चार दिन तक बारिश हो सकती है.

आपको बताते चले कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान से लोगों में इस समय डर है कि कहीं बारिश हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं. भू-धंसाव के बाद बनीं दरारों में नमी और बढ़ेगी जिससे दरारें गहरा सकती हैं. साथ ही पानी के नए स्रोत भी फूट सकते हैं. जोशीमठ में घरों के आसपास की दरारों को मिट्टी से भरने का काम हो रहा है.

हालांकि यहां बढ़ती दरारें लोगों में खौफ बढ़ा रही हैं. खेतों में दरारें इतनी बढ़ गईं हैं कि 15 दिनों में एक से डेढ़ मीटर तक फासला हो चुका है. ऐसे में लोग मौसम विभाग के पूर्वानुमान को लेकर खौफ में हैं. मौसम विभाग ने 21 जनवरी तक पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया है जिसका असर इन दरारों पर भी देखने को मिलेगा.

वहीँ दूसरी ओर IMD के अनुसार आज यानी 18 जनवरी को जोशीमठ में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया जा सकता है. इसी के साथ कल हल्की बारिश भी देखने को मिल सकती है. 19 जनवरी को जोशीमठ में न्यूनतम तापमाम 4 डिग्री और अधिकतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया जा सकता है. 19 जनवरी को भी हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है. 20 जनवरी को जोशीमठ में गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान है.

आपको बतादें कि जोशीमठ त्रासदी के बाद उत्तराखंड के कई हिस्सों से भयानक तस्वीरें सामने आ रही हैं. जोशीमठ ही नहीं उत्तराखंड में अलग-अलग हिस्सों में दरारें देखने को मिल रही हैं. ऋषिकेष से कुछ दूर, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, उत्तरकाशी भी बड़ी दरारों से अछूते नहीं हैं. इन सभी जगहों की स्थिति को लेकर भी डर है कि कहीं आने वाले दिनों में जोशीमठ जैसी ना हो जाए.

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