उत्तर प्रदेश

चिकित्सक की लापरवाही से महिला जिंदगी और मौत से कर रही है संघर्ष, ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसके पेट में छोड़े दो कपड़े के टुकड़े

पति ने मुख्यमंत्री तथा आला अधिकारियों से न्याय की लगाई गुहार

चिकित्सक की लापरवाही से महिला जिंदगी और मौत से कर रही है संघर्ष, ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने उसके पेट में छोड़े दो कपड़े के टुकड़े

पति ने मुख्यमंत्री तथा आला अधिकारियों से न्याय की लगाई गुहार
रिपोर्ट – एस.पी सैनी

सहसवान| समाज में जीवन बचाने में संघर्ष कर रहे चिकित्सकों को भगवान के रूप में पूजा जाता है। परंतु चंद लोभी लालची चिकित्सकों द्धारा जब मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे जिंदगी और मौत के बीच झूलने के लिए छोड़ दिया जाए ऐसी चिकित्सकों को आप क्या कहेंगे ऐसा ही एक मामला उझानी के एक जाने-माने सर्जन एक चिकित्सालय का है। जहां थाना मुजरिया क्षेत्र के ग्राम मुढसान निवासी चरण सिंह पुत्र मनोहर सिंह ने प्रदेश मुख्यमंत्री साहित बरेली मंडल के कई पुलिस अधिकारियों को चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर उपरोक्त चिकित्सक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की है। जिससे उपरोक्त चिकित्सक किसी गरीब लाचार मरीज के साथ ऐसा कृत्य न कर सके। इस बाबत जब चिकित्सक से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं कीl

चरण सिंह ने प्रदेश मुख्यमंत्री बरेली मंडल के पुलिस अधिकारी चिकित्सा अधिकारी को प्रेषित शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी लौंग श्री के पेट में अक्सर दर्द होता था। जिस को दिखाने के लिए वह उझानी के संजीवनी अस्पताल गए थे जहां उन्होंने 8 जून वर्ष 2022 को अपनी पत्नी को चिकित्सक सर्जन डॉक्टर अरोड़ा को दिखाया था। परंतु चिकित्सक द्धारा महिला को भर्ती कर लिया तथा अल्ट्रासाउंड देखकर बताया इनके रसोली का ऑपरेशन होना है। जिसके लिए उन्होंने 11 जून को अपने क्लीनिक पर ऑपरेशन कर दिया तथा कुछ दिन बाद दवाएं देकर डिस्चार्ज कर दिया परंतु घर आने पर लॉन्ग श्री की हालत बिगड़ने लगी जिससे वह लेकर पुना 25 सितंबर को पत्नी को लेकर क्लीनिक पहुंचे और ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक को अवगत कराया की दर्द में राहत नहीं है तो चिकित्सक ने बताया कि ऑपरेशन के 100 दिन के बाद मरीज को आराम मिल पाता है। जब उन्होंने ज्यादा अनुनय विनय की तो चिकित्सक ने स्टाफ के साथ उनके साथ अभद्र व्यवहार गाली गलौज की तथा दोबारा क्लीनिक में न आने की धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा क्लीनिक पर दिखाई दिए तो जान से मरवा दूंगा जिस पर चरण सिंह 14 अक्टूबर को कलावती हॉस्पिटल कासगंज लॉन्ग श्री को दिखाने पहुंचे तो वहां भी चिकित्सक ने 5 दिन की दवा देकर रेफर कर दिया आराम ना होने पर चरण सिंह अपनी पत्नी लॉन्ग शरीर को चौहान हॉस्पिटल आगरा 19 अक्टूबर को लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उनका अल्ट्रासाउंड करते हुए अल्ट्रासाउंड में पाया कि पेट में ऑपरेशन के दौरान कोई कपड़ा रह गया जिसका उन्होंने ऑपरेशन कर दिया ऑपरेशन कर उन्होंने पेट से एक कपड़ा निकाल कर दिया जो संजीवनी अस्पताल उझानी चिकित्सक की लापरवाही से पेट में ऑपरेशन के दौरान रह गया था। चौहान हॉस्पिटल आगरा के चिकित्सक डॉ अनीता शर्मा द्धारा 23 अक्टूबर को लौंग श्री को डिस्चार्ज कर दिया गया। परंतु पेट में दर्द लौंग श्री के बरकरार रहा आराम नहीं मिला जिसके कारण एक बार फिर लौंग श्री को लेकर वह बरेली के राममूर्ति हॉस्पिटल पहुंचे जहां 8 नवंबर को चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड किया जिसमें पाया कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक की लापरवाही से कोई कपड़ा पेट में रह गया है। राम मूर्ति हॉस्पिटल में भी तीसरा ऑपरेशन करके पेट में ऑपरेशन के दौरान एक कपड़ा पाया गया जिसे चिकित्सकों की टीम ने निकाल दियाl

चरण सिंह ने मुख्यमंत्री बरेली मंडल के पुलिस अधिकारियों तथा चिकित्सा अधिकारियों को पत्र प्रेषित करते हुए बताया कि एक चिकित्सक की लापरवाही से वह अब तक 5 लाख रूपये से ज्यादा अपनी पत्नी लौंगश्री के उपचार पर खर्च कर चुका है। परंतु पत्नी लौंगश्री जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। अगर कोई दूसरा व्यक्ति होता तो वह बर्बाद हो गया होता चरण सिंह ने अधिकारियों से उपरोक्त संजीवनी अस्पताल उझानी के चिकित्सक डॉक्टर अरोड़ा तथा चौहान हॉस्पिटल आगरा की महिला चिकित्सक डॉ अनीता शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई की जाने की मांग करते हुए न्याय दिलाए जाने की गुहार की है। इस बाबत संजीवनी अस्पताल उझानी तथा चौहान हॉस्पिटल आगरा के चिकित्सकों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका।

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