सहसवान–मेरठ हाईवे से राजकीय संघटक महाविद्यालय तक सड़क निर्माण की मांग तेज, छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों के लिए बेहद जरूरी
बदायूं। सहसवान–मेरठ हाईवे से राजकीय संघटक महाविद्यालय तक जाने वाले लगभग 3 किलोमीटर लंबे मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है।मार्ग का बड़ा हिस्सा कच्चा एवं जर्जर होने के कारण बरसात के दिनों में जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है।इससे महाविद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं,प्राचार्य, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस मार्ग के निर्माण को लेकर तिलक सिंह,सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा इससे पहले भी कई बार प्रयास किए जा चुके हैं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं शासन स्तर पर मार्ग की स्थिति से अवगत कराते हुए इसके नव निर्माण एवं डामरीकरण की मांग उठाई है।लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर 27 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से पुनः शिकायत दर्ज कराई गई,जिसका पंजीकरण संख्या PMOPG/E/2026/0186434 है।वर्तमान में यह मामला संबंधित विभाग के स्तर पर विचाराधीन है।
महाविद्यालय तक पक्की सड़क होना अत्यंत आवश्यक:-राजकीय संघटक महाविद्यालय तक जाने वाला यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।खराब एवं कच्चे मार्ग के कारण बरसात के समय छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।
इस मार्ग के निर्माण से महाविद्यालय के प्राचार्य, छात्र-छात्राओं, शिक्षक एवं कर्मचारियों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी मुख्य मार्ग से बेहतर संपर्क प्राप्त होगा।
ग्रामीण क्षेत्र के विकास में भी मिलेगा लाभ:-सड़क का निर्माण होने से आसपास के ग्रामीणों को बाजार, मुख्य मार्ग, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी। बरसात के दिनों में जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिलेगी तथा क्षेत्र में आवागमन सुचारु हो सकेगा।
तिलक सिंह का कहना है कि राजकीय संघटक महाविद्यालय तक बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होना विद्यार्थियों की सुविधा के साथ-साथ पूरे ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का नव निर्माण एवं डामरीकरण जनहित को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभाग से मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराकर शीघ्र निर्माण कार्य स्वीकृत कराने और सड़क को पक्का कराने की मांग की है।मार्ग निर्माण को लेकर उनके प्रयास आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

