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जरीफनगर थाने के सिपाही जावेद का एक और खेल,ओटीपी के लिए सीयूजी नंबर हटाकर जोड़ लिया निजी नंबर

On: September 17, 2026 4:17 PM
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जरीफनगर थाने के सिपाही जावेद का एक और खेल,ओटीपी के लिए सीयूजी नंबर हटाकर जोड़ लिया निजी नंबर

बदायूं।जरीफनगर थाने में मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने वाले गोपनीय सॉफ्टवेयर की आईडी-पासवर्ड कॉमन सर्विस सेंटर संचालक को देने के मामले में निलंबित किए गए फरार सिपाही जावेद ने एक और खेल किया था।थाने के कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद ने सॉफ्टवेयर में ओटीपी प्राप्त करने के लिए दर्ज थाने का सीयूजी नंबर हटाकर अपना निजी मोबाइल नंबर जोड़ लिया था।इससे गोपनीय सॉफ्टवेयर खोलने के लिए आने वाला ओटीपी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचता था।

सूत्रों के मुताबिक,थाने में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर को खोलने से पहले सुरक्षा प्रक्रिया के तहत ओटीपी थाने के सीयूजी नंबर पर आता था।हर बार ओटीपी के लिए सीयूजी मोबाइल की जरूरत न पड़े, इसके लिए कंप्यूटर ऑपरेटर ने कथित तौर पर सिस्टम में अपना नंबर दर्ज कर दिया।इससे यह जानकारी भी उसके पास ही रहती थी कि किस सॉफ्टवेयर को कब खोला गया और उसका इस्तेमाल कहां से किया जा रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि थाने के गोपनीय सॉफ्टवेयर में सीयूजी नंबर हटाकर निजी नंबर दर्ज करने के बावजूद इसकी जानकारी थाना प्रभारियों को क्यों नहीं हुई। सॉफ्टवेयर खोलते समय सीयूजी नंबर पर ओटीपी नहीं आने पर भी किसी अधिकारी ने इसकी वजह जानने की कोशिश नहीं की।इससे थाने में गोपनीय डिजिटल संसाधनों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कंप्यूटर ऑपरेटर ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने वाले सॉफ्टवेयर की आईडी और पासवर्ड सीएससी संचालक प्रेमपाल उर्फ बंटी को दे दिया। इससे सीएससी संचालक मोबाइल खोए मोबाइल चलाने वाले को धमका मोबाइल वापस लेकर शिकायतकर्ता से मोबाइल बरामदगी के नाम पर वसूली कर रहा था। इसके बाद गोपनीय पुलिस सॉफ्टवेयर की पहुंच थाने की अधिकृत व्यवस्था से बाहर जाने का मामला सामने आया।

दो दिन पहले तक बदायूं में थी जावेद की लोकेशन,अब मोबाइल बंद:-निलंबित होने के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद दो दिन पहले तक बदायूं में रह रहा था। पुलिस टीमों ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें देना शुरु कीं तो ऑपरेटर अपना मोबाइल नंबर बंद कर भाग गया।मोबाइल बंद करने के बाद से पुलिस टीम उसकी लोकेशन का पता नहीं लगा पा रही है।उसकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें मुरादाबाद उसके घर भी दबिश देने गई थीं,लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।यदि रविवार को कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित करने के बाद हिरासत में ले लिया गया होता तो अब उसे ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ती।

सफेदपोशों के सहारे बचने का प्रयास कर रहा जावेद:-पुलिस सूत्रों के मुताबिक,निलंबित होने के बाद गिरफ्तारी के डर से लापता जावेद खुद को बचाने के विभाग के अपने संपर्काें और उन संपर्क के जरिए सफेदपोशों से भी संपर्क साध रहा है।मोबाइल बंद कर लापता होने से पहले वह बदायूं में रहकर अपने संपर्काें से संपर्क कर रहा था।

कंप्यूटर ऑपरेटर जावेद की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं।मुरादाबाद उसके घर भी टीमें पहुंची थीं। वह वहां भी नहीं मिला। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।-अशोक कुमार सिंह,सीओ सहसवान, रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

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