देश

सामाजिक एकता की मिशाल आकवा का गरबा महोत्सव

 

 

गेबाराम चौहान
सायला। गरबों की शुरुआत भले ही गुजरात से मानी जाती हो लेकिन आज समूचे देश में गरबा नृत्य की धूम मची हुई है। जालोर जिले के ग्रामीण क्षेत्र भी इससे अछूते नहीं है। जिले के स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के लोग गरबा एवं डांडियां की संस्कृति को जीवित रखने का सराहनीय कार्य कर रहे है। गरबा महोत्सव का मकसद यही है की राजस्थानी संस्कृति को जीवंत रखा जाए। उनका यह मकसद कामयाब भी रह रहा है। सायला उपखण्ड के तालियाना , आकवा , थलवाड़ ,आलवाड़ा सहित अनेकों गांवो में नियमित रूप से हर साल गरबा एवं डांडिया नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लोग उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। यहां इस उत्सव को गरबा एवं डांडिया के रूप में मनाया जाता है। गरबा गुजरात एवं राजस्थान का एक प्रसिद्ध लोकनृत्य है जिसका मूल उद्गम गुजरात है। गरबा सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान गरबा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। नौ दिसवीय नवरात्रि में नव दुर्गा माता को मनाने एवं अपनी आस्था प्रकट करने का सबसे सशक्त माध्यम गरबा है।

 

संस्कृति को करीब से जानने व समझने का अवसर है गरबा –
उपखण्ड क्षेत्र के आकवा ग्राम में चामुंडा गरबा मण्डल द्वारा सर्व समाज के आपसी प्रेम, भाई चारे से गरबा महोत्सव का आगाज किया जा रहा है। आयोजक कमेटी के इंद्रसिंह राठौड़ अाकवा बताते है कि गांव में सर्व समाज को एक धागे में पिरोने का कार्य गरबा महोत्सव है। साथ ही नवरात्र के नौ दिनों में संस्कृति को करीब से जानने व समझने का अवसर मिल रहा है। जिला परिषद सदस्य रामाराम आकवा बताते है कि गांव के सभी समाजों के बुजुर्गों एवं युवाओं के आपसी प्रेम भाव को देखकर सामाजिक सौहार्द एवं एकता की मिसाल यहां देखने को मिल रही है। ग्रामीण भवरसिंह राठौड़ का कहना है कि नई पीढ़ी को गरबा एवं डांडिया में विशेष रुचि रहती है। बच्चे भी उत्साह दिखाते हैं तो बड़े भी चाव से गरबा खेलते हैं। गुजराती गीतों पर आधारित गरबा बिना किसी जाति-भेद के किया जाता है। उत्साह एवं उमंग इसमें देखने को मिलता है।

 

आकवा में चौथे दिन रही गरबों की धूम – उपखण्ड क्षेत्र के आकवा गांव में घट स्थापना से लेकर चौथे दिन भी गरबों की धूम रही। सर्व समाज के सहयोग से ग्राम के गोगाजी मंदिर परिसर में चामुंडा गरबा मण्डल द्वारा भव्य रूप से महोत्सव का आगाज किया जा रहा है। जिसमें आसपास के दर्जनों गांवो से सैकड़ों ग्रामीण बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। नवरात्र के चौथे दिन स्थानीय गरबा गायक इंद्रसिंह राठौड़, सोमाराम सरगरा, प्रकाश देवासी, च्यवन प्रताप ठाकुर व नरपत राणा द्वारा गुजराती अंदाज में गरबो की धूम पर उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हर रोज 9 बजे माँ दुर्गा की आरती से शुरुआत होकर देर रात डांडिया की खनक गूंजती रहती है। पावा गढ़ से उतरी माँ काली…. , माँ वेला वेला आवजो… , माँ काली ने कल्याणी हो माँ…., जैसे गरबा गीतों को गाकर दर्शकों को भाव विभोर कर रहे है। वही इंद्रसिंह राठौड़ के द्वारा मधुर स्वरों से संचालन एवं गायन से उपस्थित लोगों का मनमोहक तरीके से भरपूर मनोरंजन करवा रहे है। वही हर रोज गौ माता के लिए दान पुण्य के लिए चढ़ावा भी ग्रामीण बढ़ चढ़ कर ले रहे है।
नाटक रहते है आकर्षण का केंद्र

आकवा में चल रहे गरबा महोत्सव के तहत प्रतिदिन कलाकारों द्वारा देशी अंदाज में हास्य नाटकों का प्रदर्शन कर दर्शकों को खूब लोट पोट कर रहे है। कलाकारों द्वारा स्थानीय अंदाज में नाटक को पेश करना दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

 

ये रहे मौजूद
गरबा महोत्सव के चौथे दिन ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष सूरत सिंह धवेचा, भाजपा मंडल महामंत्री राजेन्द्र सिंह तालियाना, स्थानीय उपसरपंच भीमसिंह भाटी, टीकमाराम, दानाराम, विक्रम सिंह, लीलाराम , ओबाराम, फतेहसिंह, फूलाराम पंचाल, विकास पटेल, जेठाराम, वरदाराम, मदनसिंह, नारणाराम, भरतसिंह, बाबुसिंह, हड़मताराम, भरत सुथार, बदाराम, अर्जुनसिंह सहित सैकडों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

AMAN KUMAR SIDDHU

Aman Kumar Siddhu Author at Samar India Media Group From Uttar Pradesh. Can be Reached at samarindia22@gmail.com.

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