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परिवहन निगम को लाखों रूपये प्रतिदिन होने वाली आय को चूना लगे रहे दिल्ली व अन्य प्रदेश को जाने बाली डग्गामार बसे|

by Jay Kishan Saini
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सहसवान| परिवहन निगम अधिकारियों उपसंभागीय अधिकारियो तथा पुलिस की छत्रछाया के नीचे सहसवान बाया होते हुए दिल्ली,हिमाचल, मुंबई,पंजाब,हरियाणा के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा बसें चलकर परिवहन निगम को लाखों रूपये प्रतिदिन होने वाली आय का  चूना लगाते हुए खुद निजी बस चालक मालामाल हो रहे है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अधिकारियों उप संभागीय अधिकारियों तथा क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों की छत्रछाया के नीचे निजी बस चालक बदायूं मेरठ मार्ग बाया सहसवान से होते हुए हिमाचल,प्रदेश,मुंबई,पंजाब,महाराष्ट्र,हरियाणा,जयपुर, गुजरात के लिए स्लीपर एसी तथा  जनरल बसे कासगंज,मुजरिया,बिल्सी सहसवान होते हुए तथा कुछ बसें बरेली बदायूं बिल्सी बिसौली बाया सहसवान होते हुए बेखौफ होकर बस चालक बसों को ले जा रहे हैं| बसों में यात्री ठूस-ठूस कर भरे होते हैं|

बताया जाता है| कि इन बसों में मजदूर तबके के लोग जो उपरोक्त राज्यों में मजदूरी करके अपनी गुजर-बसर कर रहे हैं| रेलवे विभाग द्वारा ट्रेनें बंद किए जाने से उपरोक्त बसो के स्वामियों ने बसों के ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट तो बनवा रखे हैं| पर ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नाम पर धड़ल्ले से डग्गामारी कर रहे हैं| डग्गामारी से थाना कोतवाली पुलिस तथा बसों के स्वामी मालामाल हो रहे हैं| वहीं परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों रुपये राजस्व की हानि हो रही है| ऐसी बात नहीं उप  संभागीय अधिकारियों को बसों के संचालन के बारे में जानकारी ना हो परंतु उनकी जेबें गर्म होने के कारण ही उनकी छत्रछाया तथा उनके सामने से ही उपरोक्त बसें धड़ल्ले से अपने गंतव्य की ओर आती जाती रहती हैं| उपरोक्त बसों के गंतव्य होने वाले मार्ग पर ऐसी बात नहीं के उप संभागीय अधिकारी तथा प्रभागीय निगम के अधिकारी खड़े होकर जहां ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की चेकिंग करते हैं| तो क्या उनमें इतना साहस नहीं कि वह इन उपरोक्त बसे जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नाम पर धड़ल्ले से  डग्गामारी कर रही हैं| परंतु उपरोक्त बसों के चालक उपरोक्त अधिकारियों के सामने से ही धड़ल्ले से गुजर जाते हैं| ऐसी बात नहीं क्षेत्रीय पुलिस के अधिकारियों को भी उपरोक्त बसों के संचालन के बारे में जानकारी न हो उपरोक्त बसों के अधिकारियों को भी उपरोक्त बसें हमेशा मार्गों पर मिलती हैं| परंतु उनमें भी एहसास नहीं कि वह बसों को रोककर उपरोक्त वाहनों के ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नियमों के हिसाब से उन बसों को चेक कर सकें| ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट सिर्फ टूरिस्टो के लिए होता है ना कि डग्गामारी के लिए अगर कोई भी बस चालक ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नाम पर डग्गामारी करता  पकड़ा जाता है| तो नियम के तहत उपरोक्त बस को अधिकारी सीज कर लाखों रुपये का जुर्माना वसूल सकते हैं| जो सरकार के खाते में जाएगा| परंतु उपरोक्त बसों के स्वामियों से प्राप्त होने वाली आय बंद हो जाएगी| चर्चा है| की क्षेत्रीय थाना प्रभारी उपरोक्त बसों से प्रतिमाह 20,0000 से 30,000 रूपये प्रत्येक बस द्वारा वसूल किए जाते हैं| वही लाखो रूपये प्रति महीना संभागीय  अधिकारियों को पहुंचाया जाता है| इतनी बड़ी रकम थाना क्षेत्र में खर्च करने के बाद भी उपरोक्त वाहन स्वामी  अपना खर्चा कैसे निकालते हैं| यह प्रश्न अनसुलझा है|

चर्चा यह है| कि उपरोक्त वाहन स्वामियों के बस चालक बसों में नशीले पदार्थों तथा नंबर दो के पार्ट्स बिजली का सामान मशीनरी पार्ट्स तथा अन्य सामान जिस पर सबसे ज्यादा टैक्स दिया जाता है| उपरोक्त सामान को बिना के चोरी-छिपे लाकर व्यापारियों को बसों के माध्यम से पहुंचाते हैं| इन व्यापारियों का उपरोक्त चालको से सीधा संबंध है| उन्हें भी घर बैठे नंबर 2 का माल प्राप्त हो जाता है। यही नहीं उपरोक्त बस चालकों ने लाकडॉन में भी उपरोक्त बसों का संचालन जारी रखा| जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश थे| कि निजी बस चालक दूसरे स्टेट में किसी भी कीमत पर नहीं जा सकेगा| परंतु उपरोक्त बस स्वामी सुविधा शुल्क के सहारे अपने काम के न्यारी न्यारी करते रहे  उपरोक्त  बस स्वामियों द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेशों का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है परंतु किसी भी पुलिस अधिकारियों द्वारा आज तक उपरोक्त  बसों को रोककर कोविड-19 को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शासनादेशो में दिए गए निर्देश के लिए चेक करना भी उचित नहीं समझा| काश: क्षेत्रीय पुलिस उपरोक्त बसों को चेककर यह देखने की किस शासनदेशों का पालन हो रहा है या नहीं अगर  प्रदेश सरकार  के शासनादेशों का पालन नहीं रहा  है तो उपरोक्त बसों से का चालान कर भारी जुर्माना वसूला जा सकता है जिससे उत्तर प्रदेश सरकार को के राजस्व में भारी इजाफा होगा| क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेशों का उल्लंघन का उल्लंघन का ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नाम पर अन्य प्रदेशों को चलने वाली बसों से प्रदेश सरकार को प्रतिमाह माह हो रहे लाखों रुपये राजस्व के घाटे को रोके जाने की मांग की है| साथ ही उपरोक्त बसों में कोविड-19 के शासनादेशों का पालन हो रहा है| या नहीं इसकी भी जांच उच्च अधिकारियों से कराए जाने की मांग की है|

पत्र में चमन,रघुवर,दयाल,अजमेरी,फारूक,अब्दुल,चंद्रपाल,महासूर  गिरजेश, पंकज, बाबूराम, महावीर, रघुवंशी, मीरा देवी, शमसुल, निशा, रामकली, चंपा, दानिश, आदि के हस्ताक्षर हैं| इस बाबत क्षेत्रीय अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया तो मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका|

समर इण्डिया ब्यूरो चीफ – जयकिशन सैनी

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