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एसपी पूनम के निर्देशों को ठेंगा दिखा रही है अमरोहा शहर की यातायात पुलिस

by AMAN KUMAR SIDDHU
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अमरोहा से रोहित कुमार की रिपोर्ट

अमरोहा कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली लोगों की संख्या भले ही कम हो गई हो परन्तु देश में कोरोना वायरस का प्रकोप अभी खत्म नही हुआ है। सरकार द्बारा प्रदेश में अनॅलाक की छूट क्या हुई कि लोगों के साथ साथ प्रशासन भी लापरवाही पर उतर आया है। जबकि सरकार और अधिकारियों द्बारा पुलिस प्रशासन से लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने को कहा जा रहा है दिये गये फोटो में आप देख सकते हैं कि पुलिस प्रशासन मोवाईल देखने में व्यस्त है और बराबर में तीन वाइक सवार व्यक्ति विना मास्क के जा रहे हैं।


आपको बता दें पूरा मामला अमरोहा शहर की बंबूगड चौराहे का है। जहां पर यातायात पुलिस गौरव बालियान और पीआरडी के होमगार्ड तैनात है। हालांकि वाहन चालकों को यातायात पुलिस का इतना खौफ भी नहीं रहा। जिससे वाहन चालक यातायात के नियमों का पालन कर सकें। लेकिन खास बात तो यह है कि यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाने वाले ही पुलिसकर्मी मोबाइल फोन में घुसे हुए हैं। तो वाहन चालक उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों का कैसे पालन कर पाएंगे। जब फुर्सत में बैठकर फुर्सत के साथ अपना मोबाइल चला रहे हैं। उधर बंबूगड चौराहे पर वाहन चालक एक मोटरसाइकिल पर तीन सवार बिना हेलमेट बिना मास्क के धड़ल्ले से चौराहे के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन यातायात पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन में लगे हुए हैं। तो कैसे यातायात पुलिसकर्मी वाहन चालको लगाम लगाएंगे।


बीते बुधवार को बंबूगड़ चौराहे पर वाहन चालको को सबक सिखाने के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। जिसमें यातायात पुलिस कांस्टेबल नीरज ने अकेले ही बाइक सवार के चालान कर दिया। जबकि वाहन चालक ने मुंह पर मास्क लगा रखा था। लेकिन यातायात कांस्टेबल नीरज ने वाहन चालक का चालान काट दिया। हालांकि यातायात पुलिस का यह नजारा देखकर ऐसा लगता है कि जैसे यातायात पुलिस वाहन चालकों के साथ भेदभाव कर रही हैं। यातायात पुलिस का कोई भी रिश्तेदार या सगा संबंधी मिल जाता है। तो उससे सलाम करके छोड़ दिया जाता है। और जो लोग दो वक्त की रोटी कमाने के लिए घर से बाहर निकालते हैं। ऐसे लोगों के चालान काट दिए जाते हैं। आखरी यातायात पुलिस कब तक ऐसे गरीब लोगों पर अत्याचार करती रहेगी। यातायात पुलिस की नजरों में आखिर अमीर और गरीब में यह भेदभाव क्यों।
अब यह सवाल पुलिस की कार्यशैली पर खड़ा होता है कि आखिर यातायात पुलिसकर्मी फुर्सत से बैठकर मोबाइल फोन चलाने में मगन हो रहे हैं। तो आखिर एसपी पूनम के निर्देशों का कैसे पालन किया जाएगा। इन पुलिस कर्मियों का यह नजारा देखकर वाहन चालको कौन प्रशासन का कोई खौफ नहीं रहा। जो धड़ल्ले से यातायात सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों पर पलीता लगाते हुए नजर आ रहे हैं।


क्या उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों का पालन अमरोहा यातायात पुलिस कर पाएगी या नहीं, अब देखते हैं आगे एसपी पूनम, चौराहे पर स्थित कुर्सियों पर बैठकर मोबाइल फोन में मगन यातायात पुलिसकर्मी और पीआरडी के होमगार्ड पर लगाम लगा पाएगी या नहीं अब एसपी पूनम के लिए यह बड़ी चुनौती साबित हो गई है।

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