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राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बाकी भागों में मॉनसून के आगे बढ़ने

by AMAN KUMAR SIDDHU
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राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बाकी भागों में मॉनसून के आगे बढ़ने तथा दिल्ली और चंडीगढ़ में मॉनसून के आगमन के लिए स्थितियां अनुकूल नहीं; पूर्वानुमान अवधि में इन क्षेत्रों में हवाएं अनुकूल न होने के कारण लगातार बारिश का भी अनुमान नहीं है

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र अनुसार:

 बुधवार 23 जून 2021, 16:30 आईएसटी

1430 बजे तक के मौसम पर आधारित

समग्र भारत का मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन (मध्यान्ह):

  • मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) इस समय 26° उत्तरी अक्षांश/ 70° पूर्वी देशांतर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, 

अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से होकर गुज़र रही है।

  • दक्षिणपश्चिम मॉनसून के राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों तथा दिल्ली और 

चंडीगढ़ में मॉनसून के दस्तक देने के लिए मौसमी स्थितियां अनुकूल नहीं हैं।

 पूर्वानुमान अवधि के दौरान इन सभी क्षेत्रों में निरंतर बारिश होने के लिए भी मौसमी परिद़ृश्य अनुकूल नहीं है।

  • दक्षिण-पश्चिमी बिहार और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर बना है और इसका झुकाव दक्षिण-पूर्वी दिशा में है।
  • दक्षिण-पश्चिमी बिहार और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने इस सिस्टम से झारखण्ड होते हुए छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ भी बना है 

जिसकी ऊंचाई 3.1 किमी से लेकर 5.8 किमी तक है।

  • उत्तरी पंजाब से हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी झारखण्ड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्सों तक भी एक ट्रफ बना हुआ है।
  • पश्चिमी विक्षोभ 70° पूर्वी देशांतर से 25° उत्तरी अक्षांश के बीच मध्य और ऊपरी क्षोभमण्डल (ट्रोपास्फेरिक लेवल) 

पर है जिसकी धुरी 5.8 किमी की ऊंचाई पर है।

  • एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अरब सागर के उत्तर-पूर्वी और इससे उत्तर-पश्चिमी हिस्सों पर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर बना हुआ है।
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