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शहीद शिक्षक एवं कर्मचारियों के परिवार को लगभग 80 करोड़ रुपए अपने वेतन से देंगे बेसिक शिक्षक

by AMAN KUMAR SIDDHU
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रिपोर्ट रोहित कुमार

अमरोहा – अमरोहा में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश समिति एवं जिला अध्यक्ष एवं मंत्री की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मार्च सन 2020 से कोविड-19 महामारी के प्रकोप से उत्तर प्रदेश प्रभावित हैं। कोविड-19 महामारी की प्रथम लहर में कोविड से बचाव हेतु संसाधन उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता हेतु समाज के सभी वर्गों से अपील की गई है। कि उत्तर प्रदेश सरकार के 1 दिन के वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हेतु राशि की व्यवस्था करने मे प्रदेश के शिक्षक एवं कर्मचारियों के महा जनवरी सन 2020 जुलाई 2020 एवं जनवरी संधारित देय महंगाई भत्ते की धनराशि का भुगतान रोक गया है। जिसमें मात्र बेसिक शिक्षकों के वेतन भत्ते की धनराशि 2 हजार करोड रुपए से अधिक है।
जिसको लेकर शिक्षकों द्वारा अपने कर्तव्य का सत्य से पालन करने के साथ-साथ कोरोना महामारी में सरकार को निरंतर आर्थिक सहयोग भी दिया गया है। करोना वायरस जैसी महामारी में शिक्षकों को बंद स्कूलों में बैठने को विवश किया गया। तथा अन्य कार्यों में लगाया गया है। लेकिन हमारी सरकार द्वारा बनाए गए उक्त कोष के शिक्षकों को कोविड-19 से बचाव हेतु कोई भी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। कोरोना महामारी के बीच शिक्षकों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण से पंचायत चुनाव कराने भेज दिया गया था। जिसमें प्रदेश के 1621 से अधिक शिक्षकों की 16 मई सन 2021 के बाद भी शिक्षकों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हो रहे हैं।
संगठन द्वारा 16 मई सन 2021 में शहीद हुए 1621 से अधिक शिक्षा शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों के परिवारों को 1करोड़ रुपए मुआवजा सरकारी नौकरी एवं पेंशन देने के साथ 8 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजकर अनुरोध किया गया है। कहां कि मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 19 मई को एक प्रेस नोट जारी की गई है। जिसमें सरकार द्वारा सही शिक्षामित्र अनुदेशकों के परिवार को राहत प्रदान करने के लिए एक करोड़ रुपए का मुआवजा राशि देने में विलंब किया जा रहा है। दूसरी और मृतकों के शोक में डूबे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। विशेषकर शिक्षामित्र व अनुदेश को जिनके परिवार को नौकरी अथवा पेंशन की वर्तमान में कोई व्यवस्था नहीं है। उन परिवार अपने आय के स्रोत एवं अपने परिजनों के चलते चले जाने के गम में तड़प रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अपने दिव्याघर साथियों के परिवार की तरफ को मुख दर्शन बनकर नहीं देख सकता।
इस दौरान जिसको लेकर उत्तर प्रदेश से प्राथमिक शिक्षक संघ ने निर्णय लिया है कि कोरोना महामारी की लहर प्रथम लहर में शिक्षकों से ली गई 76 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता की भांति उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्य शिक्षकों का 1 दिन का वेतन काट कर एक कोष की स्थापना करते हुए समस्त धनराशि में विभाग द्वारा जमा करा दी जाए तथा 1 अप्रैल सन 2021 से 31 मई के मध्य दिव्या गत हुए सभी शिक्षक शिक्षामित्र, अनुदेशक शिक्षक एवं कर्मचारियों के जायज बारिश के खातों में हस्तांतरित कर दी जाए। यदि कोई कार्यरत शिक्षक दिन का वेतन देने हेतु असमर्थ अथवा सहमत होने की दिशा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अथवा वित्तीय लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा को लिखित में प्रार्थना पत्र देता है। तो उसका वेतन न काटा जाए।
इस अवसर पर बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर 1 करोड़ों रुपए मुआवजा सभी शिक्षक शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षा एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी एवं पैसा देने हेतु शीघ्र ही शासनादेश निर्गत करने की मांग की गई तथा शासनादेश निर्गत होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। बैठक में शिव शंकर पांडे, राधे रमण त्रिपाठी, सुरेंद्र यादव, देवेंद्र श्रीवास्तव, वंदना सक्सेना, राजेश, श्रीधर, अनिल सिंह, सुधांशु, मोहन, मुकेश चौहान, अर्चना तिवारी, कृष्णानंद राय सहित समस्त पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता दिनेश चंद्र शर्मा एवं संचालन महामंत्री ने किया।

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