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आगामी खरीफ सत्र में डीएपी एवं अन्य पीएंडके उर्वरकों के लिए सब्सिडी दरों में वृद्धि की अधिसूचना आज जारी की गई

by AMAN KUMAR SIDDHU
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने की ऐतिहासिक घोषणा के बाद आज इस पर अधिसूचना जारी कर दी गई।

केंद्र सरकार खरीफ सत्र 2021 में कुल 14,775 करोड़ रुपये अधिक सब्सिडी प्रदान करेगी। इसमें डीएपी के लिए 9,125 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी और एनपीके आधारित जटिल उर्वरक के लिए 5,650 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी खर्च की जाएगी।

अब खरीफ सत्र 2021 तक डीएपी सहित पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी को 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दिया गया है। खरीफ सत्र 2021 में इस सब्सिडी पर 14,775 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम के साथ चालू वित्त वर्ष के दौरान कुल सब्सिडी बोझ बढ़कर 42,275 करोड़ रुपये हो जाएगा जो 2020-21 में 27,500 करोड़ रुपये था।

डीएपी उर्वरक पर सब्सिडी को 500 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 1,200 प्रति बैग कर दिया गया है जो लगभग 140 प्रतिशत की वृद्धि है। इस प्रकार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी की कीमतों में वृद्धि के बावजूद इसकी बिक्री 1,200 प्रति बैग के पुराने मूल्य जारी रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार ने इस मद में मूल्य वृद्धि का सारा बोझ खुद उठाने का फैसला किया है। प्रति बैग सब्सिडी की राशि में इतनी अधिक एकमुश्त वृद्धि कभी नहीं की गई थी।

सरकार उर्वरक निर्माताओं/ आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती कीमतों पर यूरिया और पीएंडके उर्वरक (डीएपी, एमओपी एवं एसएसपी सहित) उपलब्ध करा रही है। पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी को एनबीएस योजना के तहत नियंत्रित किया जाता है जो 01.04.2010 से प्रभावी है।

सरकार अपने किसान हितैषी दृष्टिकोण के अनुरूप किसानों को सस्ती कीमतों पर पीएंडके उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरक कंपनियों को एनबीएस दरों के अनुसार सब्सिडी जारी की जाती है ताकि वे किसानों को सस्ती कीमत पर उर्वरक उपलब्ध करा सकें।

पिछले कुछ महीनों के दौरान डीएपी एवं अन्य पीएंडके उर्वरकों के कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तैयार डीएपी आदि के दाम भी उसी अनुपात में बढ़े हैं। इस प्रकार एक बैग डीएपी की वास्तविक कीमत बढ़कर 2,400 रुपये हो गई है जिसे उर्वरक कंपनियां प्रति बैग 500 रुपये सब्सिडी के साथ 1,900 रुपये में बेच रही थीं।

सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि किसानों को मूल्य वृद्धि का खमियाजा न भुगतना पड़े। प्रधानमंत्री के निर्देश पर भारत सरकार ने इस मुद्दे पर किसानों की मदद करने का निर्णय लिया है।

केंद्र सरकार रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी के लिए हर साल लगभग 80,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। डीएपी एवं अन्य सब्सिडीयुक्त पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी में वृद्धि के साथ ही खरीफ सत्र 2021 के लिए 14,775 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस आशय की अधिसूचना आज वित्त विभाग (डीओएफ) द्वारा जारी की गई है। एनबीएस नीति के तहत शामिल पीएंडके उर्वरकों के विभिन्न ग्रेडों पर उत्पादवार सब्सिडी (20.05.2021 से 31.10.2021 तक लागू) निम्नानुसार होगी: – 

क्रम संख्या

उर्वरक का नाम

एनबीएस दरें (रुपये प्रति मीट्रिक टन में)

1

डीएपी 18-46-0-0

24231

2

एमओपी 0-0-60-0

6070

3

एसएसपी 0-16-0-11

7513

4

एनपीएस 20-20-0-13

13131

5

एनपीके 10-26-26-0

16293

6

एनपी 20-20-0-0

12822

7

एनपीके 15-15-15

11134

8

एनपी 24-24-0-0

15387

9

एएस 20.5-0-0-23

4398

10

एनपी 28-28-0-0

17951

11

एनपीके 17-17-17

12619

12

एनपीके 19-19-19

14103

13

एनपीके 16-16-16-0

11876

14

एनपीएस 16-20-0-13

12379

15

एनपीके 14-35-14

19910

16

एनपीएस 24:24-0-8

15387

17

एमएपी 11-52-0-0

25635

18

टीएसपी 0-46-0-0

20849

19

एनपीके 12-32-16

18377

20

एनपीके 14-28-14

16737

21

एनपीकेएस 15-15-15-09

11348

22

एनपी 14-28-0-0

15321

23

एनपीके 8-21-21

13145

24

एनपीके 9-24-24

14996

कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे पीएंडके उर्वरकों के एमआरपी के औचित्य का अनुपालन करें और दिनांक 15.11.2019 के औचित्य दिशानिर्देशों के अनुसार प्रमाणित लागत के आंकडे प्रस्तुत करें। कंपनियां पीएंडके उर्वरकों के एमआरपी भी नियमित रूप से डीओएफ को रिपोर्ट करेंगी। उचित लाभ से अधिक अर्जित लाभ को अनुचित माना जाएगा और चूककर्ता कंपनियों के सब्सिडी बिलों से उसकी वसूली की जाएगी।

इस अधिसूचना की तिथि से पीएंडके उर्वरकों की बिक्री अधिक एमआरपी (पुरानी सब्सिडी दरों के अनुसार) पर नहीं की जाएगी। यदि पीएंडके उर्वरक को अधिक एमआरपी पर बेचने का कोई मामला डीओएफ के संज्ञान में आता है तो चूककर्ता कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी कि अब उनके खुदरा विक्रेता इस अधिसूचित सब्सिडी दरों के अनुरूप एमआरपी पर ही पीएंडके उर्वरकों की बिक्री करें।

केंद्रीय मंत्री श्री डीवी सदानंद गौड़ा ने उर्वरक विभाग को राज्य सरकारों के साथ करीबी तालमेल बिठाते हुए किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और कीमतों की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया है।

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