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करोड़ों अनुयायियों देश के किसानों,मजदूरों और ग्रामीण जनता के लिए अपूर्णीय क्षति है शीर्ष राजनीति में एक मुख्य स्थान रिक्त हुआ

by AMAN KUMAR SIDDHU
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निश्चित तौर पर चौधरी अजीत सिंह का इस समय अचानक चले जाना मेरे लिए व्यक्तिगत आघात ही नहीं मुझे जैसे बेशुमार विश्वासपात्रों,प्रशंसकों और समर्थकों और देश और विदेश में रह रहे उनके करोड़ों अनुयायियों देश के किसानों,मजदूरों और ग्रामीण जनता के लिए अपूर्णीय क्षति है शीर्ष राजनीति में एक मुख्य स्थान रिक्त हुआ है ।जिसकी भरपाई नामुमकिन है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा वह हमेशा किसानों के हित में समर्पित रहे । 12 फरवरी 1939 को मेरठ में जन्म लेने वाले चौधरी अजीत सिंह आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक तथा अमेरिका से एमटेक कर वहीं वर्षों तक सेवा करने वाले चौधरी अजीत सिंह अपने पिता के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके बुलाने पर भारत वापस आए थे । वह राजनीति में आने के इच्छुक नहीं थे । लेकिन अपने पिता चौधरी साहब के आदेश को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने 1980 में लोकदल की बागडोर संभाली । और यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई । जो विभिन्न राजनीतिक सफलताओं असफलताओं और संघर्षों के बीच गुजरते हुए 82 साल की उम्र पूरी करते हुए 6 मई 2021 को समाप्त हुई । यूं तो समय समय पर चौधरी साहब पर ना जाने कितने आरोप लगते रहे हैं ।‌ लेकिन मेरा मानना है कि चौधरी अजीत सिंह जैसा सादगी पसंद, इंसाफ पसंद,तुरंत निर्णय लेने वाला,हमेशा जनता के बीच रहने वाला,जनता की सुनने वाला, समान व्यवहार करने वाला,छोटे से छोटे कार्यकर्ता और समर्थक का सम्मान करने वाला,अपने पद, प्रतिष्ठा का दिखावा और दुरुपयोग ना करने वाला देश में और कोई दूसरा नेता नहीं है । चौधरी साहब जैसे बड़े नेता और प्रधानमंत्री का बेटा होने के बावजूद उनसे मिलना जितना आसान था,उतना आज के दौर में एक आम सांसद से मिलना भी आसान नहीं । यह उनकी सादगी और बड़प्पन का जीता जागता सबूत है ।

गंभीर से गंभीर विषय को आसान शब्दों में कह देना,गंभीर माहौल में अचानक खिलखिला कर हंस देना,कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से नियमित संवाद संगठन पर उनकी पकड़ और उनकी मुख्य विशेषता रही । 8 बार सांसद बनने वाले चौधरी अजीत सिंह ने चार प्रधानमंत्री के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया, उन्होंने अलग-अलग विभागों में काम करते हुए प्रत्येक में उल्लेखनीय कार्य किया । केंद्र सरकार में उद्योग मंत्री,खाद्य मंत्री,कृषि मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में उनके किए गए कार्यों और देश सेवा को यह देश भुला नहीं सकता । लेकिन उनका प्रमुख विषय और पहली प्राथमिकता कृषि,किसान और मजदूर ही रहा । वह‌ जीवन पर्यंत किसानों की समस्याओं को सड़कों से लेकर संसद तक प्रभावशाली तरीके से उठाते रहे । चाहे गन्ना किसानों के भुगतान का मामला हो,भूमि अधिग्रहण का मामला हो,बिजली की समस्या हो, सिंचाई की समस्या हो,चौधरी साहब ने किसानों की प्रत्येक समस्या के निराकरण के लिए सत्ता में होने पर विधिक प्रावधानों द्वारा और विपक्ष में ‌होने पर अनेकों आंदोलनों के माध्यम से किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए सतत संघर्ष किया । किसानों के हित में उठाए गए कदमोंं के आधार पर अगर उन्हें किसानों का मसीहा कहा जाए तो यह अतिशयोक्तित नहीं होगी । वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन को भी चौधरी साहब ने पूरी तरह समर्थन दे रखा था । उन्होंने अपने बेटे और राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी को निरंतर किसानों की आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और बैठकें और जनसभाएं करने के लिए विभिन्न स्थानों पर भेजा । मुझे एक संस्मरण याद आता है,2012 में मैं उनकी पार्टी का अमरोहा का जिला अध्यक्ष था । मेरा नाम सच का सामना रियलिटी शो मैं सेलेक्ट हो चुका था, क्यों कि वह प्रोग्राम एक विवादित प्रोग्राम था । जिसमें सच बोलना होता था,और कई प्रतिभागी शामिल होने के बाद सच बोलने के कारण हुई समस्याओं से त्रस्त होकर आत्महत्याएं कर चुके थे । अमरोहा से पार्टी सांसद देवेंद्र नागपाल ने चौधरी साहब को बताया कि मुजाहिद चौधरी सच का सामना में जा रहे हैं तो चौधरी साहब ने मुझसे कार्यक्रम में जाने को मना किया और हंसते हुए कहा था कि मेरे बारे में कुछ ग़लत पूछा तो क्या जवाब दोगे । मैंने उनसे वादा किया था कि मेरे किसी शब्द से पार्टी अथवा आपको कोई हानि नहीं होगी । ऐसे थे चौधरी अजीत सिंह….और ऐसा था उनका व्यक्तित्व….
मैं अपने इन शब्दों से उनको समस्त देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं…दुनिया से काश्तकारों का रहबर चला गया । मांझी चला गया वह समंदर चला गया ।। दिखला गया जो सारे किसानों को रास्ता । सबके दिलों का मरकजो़ मैहवर चला गया ।। बरसों से लड़ रहा था जो ज़ुल्मो सितम के साथ । हम सब को छोड़ कर वह चला गया ।। हमराही हमसफर सभी डूबे हैं ग़म में आज । सच्चाई का वह गौहरो पैकर चला गया ।। मुजाहिद को याद आएगा हर गामो रह गुज़र । वो रहनुमा चला गया,रहबर चला गया ।।
मुजाहिद चौधरी एडवोकेट
स्तंभ लेखक/विश्लेषक/कवि,
पूर्व अध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल अमरोहा

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