पांच साल पहले फांदी जेल, दो लाख का इनामी सुमित है। आजाद

पांच साल पहले फांदी जेल, दो लाख का इनामी सुमित है। आजाद

 

समर इंडिया (बदायूँ)
बदायूं के जिला कारागार की दीवार को सिविल लाइंस थाने में लांधकर भागे दो लाख रुपये के इनामी सुमित को पुलिस, एसटीएफ पांच साल बाद भी पकड़ नहीं सकी। इस मालमे में उस समय निलंबित किये गये जेल कर्मचारी अब बहाल होकर ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन सुमित अभी भी आजाद है। वर्ष 2018 से पहले जिला कारागार की चाहरदीवारी पर तारकशी नहीं थी। मुरादाबाद के शातिर अपराधी सुमित ने इसी का फायदा उठाया था।

 

 

उसने मुरादाबाद पेशी पर जाने के दौरान जिला कारागार से भागने की गोरखपुर के शामित बदमाश चंदन के साथ मिलकर योजना बनायी थी। उसकी योजना के मुताबिक 13 मई 2018 की शाम उसे फरार कराने वाले जेल के पीछे खाली पड़ी जगह में पहुंचे थे। उन्होंने टार्च का फोकस आसमान में दिखाकर संकेत दिया था। तभी सुमित और कुख्यात अपराधी देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह जेल की दीवार के नजदीक पहुंचे थे। उस दौरान सुमित तो फरार होने में कामयाब हो गया लेकिन चंदन सिंह दीवार से गिर गया। इससे उसके चोट भी आई और उसने पिस्टल से एक होमगार्ड पर फायर भी किया था। तब से सुमित का कुछ पता नहीं लगा है।
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दो लाख रुपये का इनामी है सुमित
शातिर अपराधी सुमित अब जिले का नंबर वन अपराधी है। उस पर पुलिस की ओर से दो लाख रुपये का इनाम घोषित है लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।

 

 

वर्ष 2015 में हत्या के आरोप में जिला मुरादाबाद के थाना हजरतगंज गढ़ी के नवैनी गद्दी गांव का में रहने वाला सुमित सिंह पुत्र रामवीर सिंह सितंबर वर्ष 2015 में हत्या के आरोप में जिला जेल में प्रशासनिक तौर पर जिला कारागार में कोई हाई सिक्योरिटी बैरक नहीं है। जहां पेशेवर या बड़े अपराधियों को अलग से रखा जा सके। इस समय गैर जिलों के कई अपराधी जेल में बंद हैं। उन पर ज्यादा मामले तो नहीं है। हालांकि उन्हें बदायूं जिले के अपराधियों के साथ रखा गया है। सुमित के भागने और चंदन के भागने के प्रयास में पकड़े जाने के बाद उसे फतेहगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया था। चंदन सिंह को गोरखपुर से बदायूं जेल भेजा गया था। सुमित के भगाने के बाद पुलिस ने चंदन से भी पूछताछ की लेकिन कुछ उगलवा नहीं सकी।
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जेल के भीतर तक पहुंचीं थी दो पिस्टल
सुमित के भागने में चंदन गिरोह का हाथ था। जेल में चंदन गिरोह के गुर्गों ने ही जेल के कुछ कर्मियों के साथ मिलकर दो पिस्टल पहुंचायीं। भागते समय सुमित के पास एक पिस्टल थी दूसरी चंदन के पास। तय था, अगर विरोध हुआ तो वे गोलीबारी भी कर करते हैं। चंदन चाहरदीवारी चढ़ते समय नीचे गिरा, तभी प्रहरी ने देखा और शोर मचाया। जिस पर चंदन ने फायर भी झोंका था।

 

 

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चंदन की तलाश में एसटीएफ संग बदायूं पुलिस भी लगी है। उसकी तलाश जारी है। भागने के बाद वह कहां गया, इसके बारे में जानकारी लगातार जुटायी जा रही है।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी

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