ग्राम पंचायत गंगापुर शुक्रल्लाहपुर के रोजगार सेवक ने मनरेगा के नाम पर हड़पे 17000 रूपये।

ग्राम पंचायत गंगापुर शुक्रल्लाहपुर के रोजगार सेवक ने मनरेगा के नाम पर हड़पे 17000 रूपये।

ग्राम पंचायत गंगापुर शुक्रल्लाहपुर के रोजगार सेवक ने मनरेगा के नाम पर हड़पे 17000 रूपये।
मनरेगा प्रोजेक्ट अधिकारी ने रोजगार सेवक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के ग्राम पंचायत अधिकारी को दिए निर्देश

रिपोर्ट – एस.पी सैनी
सहसवान| विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत गंगापुर व शुक्रल्लाहपुर पर तैनात रोजगार सेवक ने तीन स्थानों पर मनरेगा से मिट्टी का कार्य कराए जाने का ग्राम पंचायत अधिकारी तथा ग्राम प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर के 17000 रूपये का भुगतान निकाले जाने का आरोप दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने प्रोजेक्ट अधिकारी नरेगा को दिए गए प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र पर प्रोजेक्ट ऑफिसर नरेगा में एपीओ मनरेगा तथा ग्राम पंचायत अधिकारी को रोजगार सेवक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैंl

 

 

ग्राम प्रधान गंगापुर प्रधान मुकेश वसी तथा ग्राम शुक्रल्लाहपुर प्रधान सुनीता देवी ने थाना कोतवाली में दिए गए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया उपरोक्त दोनों ग्रामों में रोजगार सेवक अनिल कुमार की नियुक्ति है जिनके द्धारा ग्राम पंचायतों में किशोरी के ढेर से शंकर की ढेर तक मिट्टी कार्य पर एमआर संख्या 80 तथा ग्राम पंचायत शुक्रल्लाहपुर में वेदराम के खेत से प्रकाश के खेत तक चकबंद मिट्टी कार्य एमआर संख्या 58, 59 में निर्गत काम पता उपरोक्त तीनों एमआर पर प्रधान व सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कार्य संपन्न होने का कार्य फीड करा दिया तथा नरेगा मजदूरों के नाम पर लगभग 17000 रूपये का फर्जी रूप से भुगतान निकाल लिया
दो

 

नों प्रधानों ने संयुक्त रूप से दिए गए प्रार्थना पत्र प्रोजेक्ट ऑफिसर मनरेगा विकासखंड सहसवान को प्रार्थना पत्र देकर उपरोक्त रोजगार सेवक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के लिए अनुमति मांगी। जिस पर प्रोजेक्ट ऑफिसर ने त्रिवेणी सिंह साप एपीओ मनरेगा एवं महिपाल सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी को संबंधित रोजगार सेवक अनिल कुमार के विरुद्ध थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए जिस पर दोनों ग्राम प्रधानों ने उपरोक्त थाना कोतवाली में देते हुए प्रभारी निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की है।

 

 

इस बाबत जब प्रभारी निरीक्षक के बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर प्रार्थना पत्र आया है। तो अपराध पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी l

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